अश्विनी नक्षत्र अर्थ

अश्विनी नक्षत्र व्यक्तियों को अच्छे स्वास्थ्य, शिक्षा और नई शुरुआत का आशीर्वाद देता है। संस्कृत शब्द से व्युत्पन्न, अंग्रेजी में अश्विनी नक्षत्र का अर्थ 'एक घोड़ी' होता है। अश्विनी नक्षत्र 2026 की तिथियों के लिए नीचे स्क्रॉल करें:

अश्विनी नक्षत्र 2026 की तिथियां

अश्विनी नक्षत्र
तिथि एवं दिन 2026
प्रारंभ समय
समाप्ति समय
25 जनवरी 2026
रविवार
01:35 शाम, 25 जनवरी
12:32 शाम, 26 जनवरी
21 फरवरी 2026
शनिवार
07:07 रात, 21 फरवरी
05:54 रात, 22 फरवरी
21 मार्च 2026
शनिवार
02:27 सुबह, 21 मार्च
12:37 सुबह, 22 मार्च
17 अप्रैल 2026
शुक्रवार
12:02 रात, 17 अप्रैल
09:42 सुबह, 18 अप्रैल
14 मई 2026
गुरुवार
10:33 रात, 14 मई
08:14 शाम, 15 मई
11 जून 2026
गुरुवार
08:16 सुबह, 11 जून
06:28 सुबह, 12 जून
8 जुलाई 2026
बुधवार
04:00 शाम , 8 जुलाई
02:56 दोपहर, 9 जुलाई
4 अगस्त 2026
मंगलवार
09:54 रात , 4 अगस्त
09:18 रात , 5 अगस्त
1 सितंबर 2026
मंगलवार
03:23 सुबह , 01 सितंबर
02:42 सुबह, 02 सितम्बर
28 सितंबर 2026
सोमवार
10:16 सुबह , 28 सितंबर
09:03 सुबह, 29 सितम्बर
25 अक्टूबर 2026
रविवार
07:22 शाम, 25 अक्टूबर
05:41 शाम, 26 अक्टूबर
22 नवंबर 2026
रविवार
05:54 सुबह, 22 नवंबर
04:15 सुबह, 23 नवंबर
19 दिसंबर 2026
शनिवार
03:57 दोपहर, 19 दिसम्बर
02:55 रात, 20 दिसम्बर

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अश्विनी नक्षत्र की मुख्य विशेषताएँ

अश्विनी नक्षत्र मेष राशि में 000 00 से 13o 20' तक है। आइए इसकी प्रमुख विशेषताओं के माध्यम से ज्योतिष में अश्विनी के महत्व को समझते हैं:

  • नक्षत्र प्रतीक: घोड़े का सिर
  • स्वामी ग्रह: केतु
  • राशि: मेष
  • नक्षत्र देवता: अश्विनी कुमार
  • नक्षत्र पशु: घोड़ा
  • शुभ अंक: 1, 9 और 7

अश्विनी नक्षत्र: व्यक्तित्व के लक्षण

क्या आप जानते हैं कि ग्रहों और सितारों की स्थिति हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित कर सकती है? आइए हिंदी में अश्विनी नक्षत्र (ashwini nakshatra in hindi) के अनूठे गुणों पर करीब से नज़र डालें:

सकारात्मक गुण

  • हास्य बोध: इस नक्षत्र में जन्मे लोगों का सेंस ऑफ ह्यूमर बेहतरीन होता है और उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है।
  • जिज्ञासु: नई चीजों की खोज करना और नए कौशल सीखना इन्हें बहुत पसंद होता है।
  • कर्मठ: ये लोग कर्म में विश्वास रखते हैं और अवसरों का इंतजार करने के बजाय उन्हें खुद बनाना पसंद करते हैं।

चुनौतीपूर्ण गुण

  • मुँहफट और दबदबा: ये अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। पेशेवर जीवन में कभी-कभी ये दूसरों पर हावी होने वाले (Bossy) प्रतीत हो सकते हैं।
  • जल्दबाज़: ज्योतिषियों के अनुसार, ये लोग थोड़े उतावले होते हैं और इनमें धैर्य की कमी होती है। जल्दबाजी में निर्णय लेना इनकी सामान्य आदत है।
  • प्रतिशोधी: ये 'न क्षमा करना, न भूलना' के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं और गलत करने वालों से बदला लेने की योजना बना सकते हैं।

अश्विनी नक्षत्र: पुरुष विशेषताएँ

नीचे अश्विनी नक्षत्र से संबंधित पुरुषों के गुण दिए गए हैं। इनमें उनके व्यक्तित्व, प्रेम जीवन, विवाह, करियर और स्वास्थ्य से जुड़ी विशेषताएँ शामिल हैं।

शारीरिक बनावट

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे पुरुषों का शरीर मजबूत होता है, उनके कंधे चौड़े और बाल गहरे रंग के होते हैं। उनकी बड़ी आँखें, उभरी हुई गाल की हड्डियाँ और भरे हुए होंठ उन्हें आकर्षक बनाते हैं।

अश्विनी नक्षत्र के ये पुरुष अपने आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के कारण भीड़ में अक्सर अलग नज़र आते हैं। केतु ग्रह द्वारा शासित होने के कारण इनमें साहस और निर्भीकता की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

प्रेम और विवाह

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे पुरुष सामान्यतः 28 वर्ष की आयु के बाद विवाह करते हैं और वे अपने लिए अनुकूल जीवनसाथी को प्राथमिकता देते हैं। उनका अश्विनी नक्षत्र का वैवाहिक जीवन प्रेम, देखभाल और स्नेह से परिपूर्ण होता है।

अश्विनी नक्षत्र के स्वामी अश्विनी कुमारों के मार्गदर्शन में ये लोग गहराई से प्रेम करते हैं तथा सहायक पति और समर्पित पिता के रूप में जाने जाते हैं।

करियर

कार्य क्षेत्र में अश्विनी नक्षत्र के पुरुष बहुमुखी प्रतिभा के धनी और तेज़ी से सीखने वाले होते हैं, इसलिए उन्हें अक्सर ‘हर काम में निपुण’ कहा जाता है। वे कला, संगीत और नृत्य से जुड़े करियर क्षेत्रों में विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।

अश्विनी नक्षत्र की विशेषताएँ उन्हें एक सशक्त नेतृत्वकर्ता भी बनाती हैं। मेष राशि के प्रभाव में ये स्वभाव से पहल करने वाले होते हैं और अपने चुने हुए किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करते हैं।

स्वास्थ्य

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे पुरुषों को पाचन तंत्र और पेट से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, वे खाँसी या सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति भी संवेदनशील हो सकते हैं।

हालाँकि, यही नक्षत्र उन्हें अच्छी ऊर्जा और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली भी प्रदान करता है, जिससे वे इन छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं से जल्दी उबर जाते हैं।

अश्विनी नक्षत्र: महिला विशेषताएँ

नीचे अश्विनी नक्षत्र से संबंधित स्त्रियों के गुण दिए गए हैं। इनमें उनके व्यक्तित्व, प्रेम जीवन, विवाह, करियर और स्वास्थ्य से जुड़ी विशेषताएँ शामिल हैं।

शारीरिक बनावट

चौड़ा माथा, भरे हुए गाल और लंबी नाक अश्विनी नक्षत्र में जन्मी महिलाओं के ऐसे शारीरिक गुण हैं जो उन्हें आकर्षक बनाते हैं।

उनकी छोटी, चमकदार मछली के आकार की आँखें उनकी स्त्रीत्व को और निखारती हैं तथा उनके समग्र व्यक्तित्व को एक आकर्षक और प्रभावशाली रूप प्रदान करती हैं।

प्रेम और विवाह

अश्विनी नक्षत्र में जन्मी महिलाएँ सामान्यतः 23 से 26 वर्ष की आयु के बीच विवाह करती हैं। उनके सुखी वैवाहिक जीवन का रहस्य उनके स्वयं के प्रयासों और समर्पण में निहित होता है।

हालाँकि, अश्विनी नक्षत्र की महिलाओं के वैवाहिक जीवन में सुख लंबे समय तक बना नहीं रहता। विशेष रूप से प्रेम विवाह या कम उम्र में हुए विवाह के मामलों में तलाक या अलगाव की संभावना अधिक होती है।

करियर

कार्य क्षेत्र में अश्विनी नक्षत्र की महिलाएँ आत्मविश्वासी, साहसी और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता वाली होती हैं। वे हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और मेडिकल क्षेत्रों में विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन करती हैं।

उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प उन्हें आर्थिक रूप से स्थिर और महत्वाकांक्षी बनाता है। वे जिस भी कार्य को पूरे जुनून के साथ अपनाती हैं, उसमें सफलता प्राप्त करती हैं।

स्वास्थ्य

अश्विनी नक्षत्र की महिलाओं के स्वभाव में तनाव, चिंता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी संवेदनशीलता देखने को मिलती है। इसलिए अच्छे स्वास्थ्य के लिए आत्म-देखभाल और ध्यान (मेडिटेशन) उनके लिए अत्यंत आवश्यक है।

हालाँकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वाहन चलाते समय या खाना बनाते समय उन्हें छोटी-मोटी चोट लगने की संभावना भी रहती है।

अश्विनी नक्षत्र 4 चरण

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अलग-अलग पदों में जन्मे लोगों के व्यक्तित्व और स्वभाव में भिन्नता देखने को मिलती है। इसलिए आइए जानते हैं अश्विनी नक्षत्र के विभिन्न पदों में जन्मे लोगों के व्यक्तित्व गुणों के बारे में:

अश्विनी नक्षत्र चरण 1

अश्विनी नक्षत्र के इस पद पर मंगल ग्रह का प्रभाव होता है और यह मेष नवांश में आता है। इस पद में जन्मे लोग जन्मजात नेतृत्वकर्ता होते हैं। इन्हें नेतृत्व करना पसंद होता है और ये दूसरों का मार्गदर्शन करने में आगे रहते हैं।

अश्विनी नक्षत्र चरण 2

अश्विनी नक्षत्र का दूसरा पद शुक्र ग्रह द्वारा शासित होता है और यह वृषभ नवांश में स्थित होता है। इस पद में शुक्र की उपस्थिति इन जातकों को मिलनसार, सामाजिक और व्यवस्थित स्वभाव का बनाती है।

अश्विनी नक्षत्र चरण 3

बुध ग्रह, जो संवाद और बुद्धि का कारक है, अश्विनी नक्षत्र के तीसरे पद का स्वामी होता है। यह पद मिथुन नवांश में आता है। इस पद में जन्मे लोग बातचीत में निपुण होते हैं और दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में कुशल होते हैं।

अश्विनी नक्षत्र चरण 4

अश्विनी नक्षत्र का चौथा पद चंद्र ग्रह द्वारा शासित होता है और यह कर्क नवांश में स्थित होता है। इस पद में जन्मे लोग जन्म से ही उपचारक स्वभाव के होते हैं और दूसरों के प्रति करुणामय होते हैं। इसलिए चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े करियर इनके लिए अत्यंत शुभ और लाभकारी सिद्ध होते हैं।

अश्विनी नक्षत्र में विभिन्न ग्रहों का प्रभाव

ग्रहों की स्थिति यह तय करती है कि हमारा जीवन कितना शुभ या चुनौतीपूर्ण होगा। आइए जानते हैं कि अश्विनी नक्षत्र में स्थित विभिन्न ग्रह हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करते हैं:

  • अश्विनी नक्षत्र में शुक्र ग्रह: जब शुक्र ग्रह अश्विनी नक्षत्र में स्थित होता है, तो यह व्यक्ति को कलात्मक और रचनात्मक क्षमताओं का आशीर्वाद देता है।
  • अश्विनी नक्षत्र में बृहस्पति ग्रह: ज्ञान का कारक ग्रह बृहस्पति इस नक्षत्र में स्थित होने पर व्यक्ति को उत्तम करियर, यश, प्रतिष्ठा और समाज में सम्मान प्रदान करता है।
  • अश्विनी नक्षत्र में राहु ग्रह: इस स्थिति में व्यक्ति स्वभाव से आक्रामक और जिद्दी हो सकता है। हालांकि सकारात्मक रूप से यह व्यक्ति को बुद्धिमान, साहसी और परिश्रमी भी बनाता है।
  • अश्विनी नक्षत्र में मंगल ग्रह: अश्विनी नक्षत्र में मंगल की स्थिति व्यक्ति को उग्र और अहंकारी बना सकती है। वहीं दूसरी ओर यह करियर में सफलता और प्रसिद्धि भी दिलाती है।
  • अश्विनी नक्षत्र में सूर्य ग्रह: इस स्थिति वाले व्यक्ति अपने सामाजिक जीवन में लोकप्रिय और सम्मानित होते हैं। साथ ही इन्हें करियर और प्रेम जीवन में भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।
  • अश्विनी नक्षत्र में चंद्र ग्रह: चंद्रमा का अश्विनी नक्षत्र में होना व्यक्ति को रचनात्मक और कलात्मक बनाता है। हालांकि नकारात्मक रूप से यह वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।
  • अश्विनी नक्षत्र में बुध ग्रह: जब बुध ग्रह अश्विनी नक्षत्र में स्थित होता है, तो व्यक्ति की संचार क्षमता और गणनात्मक बुद्धि मजबूत होती है।
  • अश्विनी नक्षत्र में शनि ग्रह: शनि का अश्विनी नक्षत्र में होना व्यक्ति को आध्यात्मिक और धार्मिक प्रवृत्ति का बनाता है। यह स्थिति सौभाग्य, सुखद और स्वस्थ वैवाहिक जीवन भी प्रदान करती है।
  • अश्विनी नक्षत्र में केतु ग्रह: अश्विनी नक्षत्र के स्वामी ग्रह केतु इस स्थिति में व्यक्ति को संकोची, शांत और अंतर्मुखी बनाते हैं। हालांकि करियर के क्षेत्र में, विशेष रूप से चिकित्सा और उपचार से जुड़े कार्यों में, इन्हें सफलता और प्रसिद्धि प्राप्त होती है।

अश्विनी नक्षत्र की संगतता

नक्षत्र संगतता, जिसे नक्षत्र पोरुथम भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो विवाह के लिए कुंडली मिलान में सहायक होती है। आइए जानते हैं कि अश्विनी नक्षत्र की अन्य नक्षत्रों के साथ संगतता कैसी होती है।

अनुकूल नक्षत्र

  • अश्विनी और भरणी नक्षत्र: अश्विनी और भरणी नक्षत्र एक-दूसरे के साथ सबसे अधिक संगत माने जाते हैं। इन नक्षत्रों के जातकों की सोच, लक्ष्य और रुचियाँ काफी हद तक समान होती हैं।
  • अश्विनी और रेवती नक्षत्र: रेवती नक्षत्र के साथ यह संबंध भावनात्मक निकटता, देखभाल और आपसी लगाव से भरपूर होता है। हालांकि, दंपति को शारीरिक संगतता से जुड़ी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • अश्विनी और आश्लेषा नक्षत्र: ज्योतिषियों के अनुसार यह जोड़ी आध्यात्मिक और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित होती है, जो इनके रिश्ते को स्थिर और विश्वसनीय बनाती है।
  • अश्विनी और पुष्य नक्षत्र: यह सबसे मजबूत और स्थिर मेलों में से एक माना जाता है, जिसमें आपसी सम्मान, ईमानदारी, निष्ठा, समझ और देखभाल देखने को मिलती है।

अनुकूल न होने वाले नक्षत्र

  • अश्विनी और हस्त नक्षत्र: इन नक्षत्रों के दंपतियों के बीच अधिकार भावना रिश्ते में दूरी और समस्याओं का कारण बनती है।
  • अश्विनी और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र: ज्योतिषियों के अनुसार यह जोड़ी सबसे अधिक असंगत मानी जाती है। इस संबंध में विश्वास और भावनात्मक निकटता की कमी हो सकती है।
  • अश्विनी और आर्द्रा नक्षत्र: हालांकि शुरुआत में आकर्षण मजबूत होता है, लेकिन स्वभाव और संवाद में अंतर आगे चलकर समस्याएँ पैदा कर सकता है।
  • अश्विनी और मूल नक्षत्र: दोनों नक्षत्र साहसी स्वभाव के होते हैं, लेकिन अहंकार का टकराव और जल्दबाजी में लिए गए निर्णय रिश्ते में चुनौतियाँ पैदा कर सकते हैं।

अश्विनी नक्षत्र के प्रभावी उपाय

कभी-कभी व्यक्ति के जन्म के समय अशुभ ग्रह दशाएँ और गोचर आर्थिक या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। ऐसे में अश्विनी नक्षत्र के उपाय करने से शीघ्र राहत मिलती है और जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं।

  • गणेश मंत्र का जाप करें: बाधाओं को दूर करने के लिए पूरे श्रद्धा भाव से गणेश बीज मंत्र — “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जाप करना चाहिए।
  • कुचला वृक्ष की पूजा करें: कुचला वृक्ष (नक्स वोमिका वृक्ष) में नियमित रूप से जल अर्पित करें और उसकी 11 परिक्रमा करें। इससे इच्छाओं की पूर्ति होती है और जीवन की अनावश्यक बाधाएँ दूर होती हैं।
  • रत्न धारण करें: अश्विनी नक्षत्र से संबंधित रत्न लेहसुनिया (कैट्स आई) है। इसे मंगलवार या गुरुवार को कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष में धारण करना शुभ माना जाता है।
  • वास्तु उपाय: घर के उत्तर-पश्चिम कोने (वायव्य कोण) में घोड़े की तस्वीर या पेंटिंग लगाने से सकारात्मक ऊर्जा और प्रगति में वृद्धि होती है।

अश्विनी नक्षत्र में जन्मी प्रसिद्ध हस्तियाँ

अश्विनी नक्षत्र के गुणों और व्यक्तित्व को समझने के बाद, आइए जानें इस नक्षत्र में जन्मी कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के बारे में:

  • किंग चार्ल्स तृतीय
  • सानिया मिर्ज़ा
  • सचिन तेंदुलकर
  • अक्षय कुमार

सारांश

अश्विनी नक्षत्र 2026, जिसका स्वामी केतु है, उपचार, साहस और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस नक्षत्र के लोग आत्मविश्वासी और बुद्धिमान होते हैं। अनुशासन और सही उपायों के साथ, यह नक्षत्र सफलता, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-

अश्विनी नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में सकारात्मक शुभ नक्षत्रों में से एक है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग अच्छे स्वास्थ्य, धन, सफल करियर और स्थिर प्रेम या विवाहित जीवन का आनंद लेते हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार अश्विनी नक्षत्र की सक्रियता की आयु 1, 2, 3, 5, 10, 20, 24, 28, 30 और 46 वर्ष है। ऐसा माना जाता है कि अश्विनी नक्षत्र, जो किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मौजूद होता है, अपने आप सक्रिय हो जाता है।
अश्विनी नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार हैं, जो घोड़े के सिर वाले जुड़वां हैं। कुमार भगवान सूर्य और उनकी पत्नी संजना के पुत्र हैं। इन दोनों देवताओं की पूजा करने से लोगों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और चिकित्सा परिणाम प्राप्त होते हैं।
अश्विनी नक्षत्र में करियर के लिए सबसे अच्छे क्षेत्र हैं चिकित्सा, उपचार, आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन। ऐसा माना जाता है कि इन व्यवसायों में करियर बनाने से इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को आराम, सफलता और स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है।
केतु ग्रह द्वारा शासित अश्विनी नक्षत्र से संबंधित राशि मेष है। अग्नि तत्व होने के कारण इस राशि में जन्म लेने वाले लोग ऊर्जावान, सक्रिय और आत्मविश्वासी स्वभाव के होते हैं।
नहीं, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, पूर्वाभाद्रपद का पुरुष अश्विनी नक्षत्र वाली महिला से विवाह नहीं कर सकता। अश्विनी नक्षत्र में वैवाहिक जीवन में आपसी समझ और अनुकूलता की कमी होगी, इसलिए इस बात की प्रबल संभावना है कि उनका विवाह अलगाव या तलाक की ओर ले जाएगा।

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